एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने कहा की फिल्म 'पेड्डी' में अपने रोल के लिए शर्मिंदा हैं। उन्होंने माना की इस रोल से यौन अपराधों को प्रमोट किया गया। जाह्नवी ने आगे कहा कि शूटिंग के समय ही उन्हें इसके खिलाफ ज्यादा मजबूती से आवाज उठानी चाहिए थी। जाह्नवी ने यह बात 'कॉफी विद करण 9' के दौरान कही, जहां करण जोहर ने उनसे इस विवाद पर सवाल पूछा था। शो में करण ने पूछा, "पेड्डी विवाद के समय क्या हुआ था? मैं जानता हूं कि इस घटना का आप पर गहरा असर पड़ा था और उस दिन मेरी आपसे बात भी हुई थी। इसके दो पहलू हैं- एक तरफ लोग आपके सपोर्ट में थे कि आपके रोल को गलत तरीके से दिखाया गया। वहीं दूसरी तरफ लोगों का कहना था कि जब आप खुद सेट पर मौजूद थीं, तो आपने इसे रोका क्यों नहीं?" करण ने जाह्नवी से पूछा कि इस पूरे मामले को लेकर उन्हें कैसा महसूस हुआ। जाह्नवी ने कहा, “मुझे बहुत कुछ महसूस हुआ, करण। मैं इस बारे में बात करने से इसलिए हिचक रही थी, क्योंकि कई लोगों ने फिल्म पर बहुत मेहनत की थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या कहना चाहिए। मुझे यह भी नहीं पता था कि वास्तव में कहने के लिए कुछ है या नहीं।” जाह्नवी बोलीं- मुझे अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी जाह्नवी ने यह भी कहा, “मेरे हिस्से की जिम्मेदारी लेना जरूरी है। उस पूरे विवाद में मेरी जितनी भी भूमिका थी, उसकी जिम्मेदारी मुझे लेनी चाहिए। ऐसे नैरेटिव का समाज पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। खासकर महिलाओं पर इसका असर हो सकता है।” उन्होंने कहा, “यह बात मेरे जमीर पर भारी है। इस बात की शर्मिंदगी मेरे साथ हमेशा रहेगी।” 'मैं ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी' जाह्नवी ने कहा कि वह इसे लेकर ज्यादा बड़ा मुद्दा बना सकती थीं। उन्होंने कहा, “क्या मैं और कुछ कर सकती थी? क्या मैं ज्यादा सतर्क रह सकती थी? क्या मैं इसे लेकर ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी? इन सभी सवालों का जवाब सौ फीसदी हां है।” जाह्नवी ने कहा, “क्या यह प्रॉब्लम वाली बात थी? क्या इसमें महिला को वस्तु की तरह दिखाया गया था? क्या इसने कहानी के लेवल पर यौन अपराधों को प्रमोट किया? इन सभी सवालों का जवाब हां है।” उन्होंने कहा, “अब मैं सिर्फ यह सुनिश्चित कर सकती हूं कि ऐसा दोबारा न हो।” 'डायरेक्टर की बात मानना प्रोफेशनल जिम्मेदारी लगता है' जाह्नवी ने कहा कि वह अपनी बात रखते हुए ऐसा नहीं दिखना चाहतीं कि वह जिम्मेदारी किसी और पर डाल रही हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि एक्टर्स कई बार डायरेक्टर के निर्देशों का पालन करने की स्थिति में होते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यह बात इसलिए नहीं कह रही कि जिम्मेदारी किसी और पर डाल दूं, लेकिन आप जानते हैं कि यह कैसा होता है। आपको लगता है कि डायरेक्टर जो कह रहे हैं, आपको वही करना है। आपको प्रोफेशनल रहना होता है। आपको डायरेक्टर की बात सुननी होती है।” उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रिप्ट में हर बार यह साफ नहीं होता कि सीन पर्दे पर कैसा दिखेगा। जाह्नवी ने कहा, “स्क्रिप्ट में अक्सर यह नहीं लिखा होता कि कैमरा एंगल क्या होंगे। बहुत कम ऐसा होता है कि पूरी तरह बाउंड स्क्रिप्ट आपके पास हो।” उन्होंने कहा, “इसलिए मैं उपलब्ध जानकारी के आधार पर चीजों को कम समस्याग्रस्त बनाने की कोशिश कर रही थी।” जाह्नवी ने कहा, “जब-जब मुझे किसी चीज की जानकारी मिलती थी, मैं उसी समय उसे बेहतर बनाने की कोशिश करती थी।” 'मुझे अपनी प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था' जाह्नवी ने माना कि वह प्रिविलेज वाली स्थिति से आती हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन इसके साथ ही मुझे अपने हिस्से की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। मैं प्रिविलेज वाली जगह से आती हूं।” जाह्नवी ने कहा, “मुझे इस प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था। वैसे भी प्रिविलेज वाली होने के लिए मुझे आलोचना झेलनी ही है, इसलिए मुझे इसका इस्तेमाल करना चाहिए था।” क्या था फिल्म 'पेड्डी' का विवाद? 'पेड्डी' में जाह्नवी कपूर के किरदार अचियम्मा को दिखाने के तरीके पर कई दर्शकों ने सवाल उठाए थे। दर्शकों ने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन को लेकर चिंता जताई थी। ट्रोलिंग के बाद निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि टीम का महिला किरदार का अपमान करने या उसे ऑब्जेक्टिफाई करने का कोई इरादा नहीं था। थिएट्रिकल कट में विवादित सीन हटा दिए गए थे या उनमें बदलाव किया गया था।
जाह्नवी कपूर गूगल पर ट्रेंड कर रही हैं
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