17 साल की माया राजेशवरन रेवती चेन्नई ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं। वह 14 साल बाद किसी WTA टूर-लेवल सिंगल्स टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। इससे पहले 2012 में सानिया मिर्जा ने पट्टाया ओपन में यह उपलब्धि हासिल की थी। माया ने बुधवार को राउंड ऑफ-16 में पोलैंड की वेरोनिका फाल्कोवस्का को 6-4, 6-3 से हराया। माया की जीत की 5 बड़ी बातें 1. 14 साल का इंतजार खत्म: माया 2012 में सानिया मिर्जा के बाद WTA टूर सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 2. वर्ल्ड नंबर-277 को हराया: वर्ल्ड नंबर-669 माया ने पोलैंड की क्वालिफायर वेरोनिका फाल्कोवस्का को 6-4, 6-3 से शिकस्त दी। 3. पहले सेट में पिछड़कर वापसी: माया एक समय पहले सेट में 2-4 से पीछे थीं, लेकिन लगातार गेम जीतकर 6-4 से सेट अपने नाम किया। 4. तीसरे मैच पॉइंट पर जीत: दूसरे सेट में 5-3 की बढ़त बनाने के बाद माया ने तीसरे मैच पॉइंट पर मुकाबला जीत लिया। 5. चेन्नई ओपन में भारतीयों का इंतजार खत्म: पिछले दो सीजन में कोई भारतीय खिलाड़ी दूसरे राउंड से आगे नहीं बढ़ पाया था। माया ने यह सिलसिला तोड़ा। पहले सेट में लगातार 5 सर्विस ब्रेक, 4-2 से पिछड़ने के बाद वापसी की मैच की शुरुआत माया के लिए अच्छी नहीं रही। उन्होंने डबल फॉल्ट के साथ शुरुआत की और अपनी सर्विस गंवा दी। हालांकि, उन्होंने तुरंत वापसी करते हुए फाल्कोवस्का की सर्विस तोड़ दी। पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच लगातार 5 गेम में सर्विस ब्रेक हुए। इस दौरान डबल फॉल्ट और अनफोर्स्ड एरर्स भी देखने को मिले। फाल्कोवस्का ने एक समय 4-2 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद माया ने लगातार दो गेम जीतकर स्कोर 4-4 किया और फिर अपनी सर्विस बचाकर 5-4 की बढ़त हासिल की। 10वें गेम में फाल्कोवस्का ने दो डबल फॉल्ट किए और एक फोरहैंड शॉट भी बाहर मार दिया। इससे माया को सेट जीतने के दो मौके मिले। उन्होंने दूसरा सेट पॉइंट भुनाते हुए पहला सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में भी आक्रामक खेल जारी रखा दूसरे सेट में फाल्कोवस्का ने अपने शॉट्स में ज्यादा ताकत लगाने की कोशिश की, लेकिन माया ने आक्रामक खेल जारी रखा। उन्होंने अहम मौकों पर संयम बनाए रखा और आठवें गेम में फाल्कोवस्का की सर्विस तोड़कर 5-3 की बढ़त बना ली। इसके बाद माया मैच के लिए सर्व करने उतरीं। उन्हें जीत दर्ज करने के लिए तीन मैच पॉइंट का इंतजार करना पड़ा। तीसरे मैच पॉइंट पर फाल्कोवस्का का फोरहैंड शॉट नेट में चला गया। इसके साथ ही माया ने दूसरा सेट 6-3 से जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पुर्तगाल में पहला W35 सिंगल्स खिताब जीता था माया के लिए यह सीजन शानदार रहा है। अक्टूबर में उन्होंने पुर्तगाल के लागोस में अपना पहला W35 सिंगल्स खिताब जीता था। उन्होंने क्वालिफाइंग राउंड से शुरुआत की और पूरे टूर्नामेंट में एक भी सेट गंवाए बिना खिताब अपने नाम किया। उन्होंने यूक्रेन की येलिजावेता कोटलियार के साथ मिलकर डबल्स का खिताब भी जीता था। प्रोफेशनल सिंगल्स खिताब जीतने वाली वह सानिया मिर्जा के बाद सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बनी थीं। ट्रेनिंग एकेडमी भी बदली माया ने हाल ही में अपनी ट्रेनिंग एकेडमी बदली है। उन्होंने स्पेन की राफा नडाल एकेडमी छोड़कर दक्षिणी फ्रांस के एलीट टेनिस सेंटर में अभ्यास शुरू किया है।
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